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Saturday, May 18, 2019

पानी से बीमारियो का इलाज क्या आप भी जानते है?Do you also treat the diseases with water?

पानी से बीमारियों का इलाज


नमस्कार दोस्तों आज हमें पानी से बीमारियों का इलाज के बारे में बताने जा रहा हूं जिसे आप अपना कर इमरजेंसी में अपने बीमारी को लेकर हम से मुक्ति पा सकते हैं।



सिर दर्द का इलाज

आजकल लोग सिर दर्द होते हैं कई दर्दनाक गोलियां खा लेते हैं घंटे 2 घंटे के लिए दर्द दब जाता है और पुनः शुरू हो जाता है संभवत है इन्हें खाने वाले भोले-भाले लोग नहीं जानते कि सिर दर्द की टिकिया दिल को कमजोर करती है इसमें एस्प्रिन होती है, यह गर्मी का मौसम है और दर्द गर्मी के कारण है तो चेहरे और मस्तक को ठंडे पानी से धोइये और पानी अंजली में लेकर छपके लगाइए दर्द सर्दी के मौसम में हो तो दर्द ठंड के कारण हो तो यही प्रयोग गर्म पानी से कीजिए  सिर दर्द बहुत आराम मिलेगा!
अगर सिर की मालिश करानी हो तो गरम है ठंडे पानी मौसम के अनुसार कराएगी सिर हल्का हल्का दर्द गायब हो जाएगा।

                       बुखार का इलाज

बुखार चाहे जैसा हो सभी बुखार में शरीर तक नहीं लगता है तब मस्तक और पेट पर ठंडे पानी की गद्दी आ रखने से रोगी को आराम मिलता है और बेचैनी और गर्मी दूर होने लगती है बहुत से रोगी तो उपवास और पानी की पट्टियों से ठीक हो जाते हैं।
बर्लिन के नामी (डॉक्टर ब्रेड) ने अपने रोगियों पर जल के प्रयोग किए डोकरी से मियादी बुखार में जहां 50 से 60% तक रोगी मर जाते थे वहां जल प्रयोग से सत रोगी अच्छे हुए
तेज बुखार में बदन पर रखी जाने वाली पट्टियां 10:15 मिनट में ही गर्म हो जाती है अर्थात वे शरीर से बुखार की गर्मी को खींचती हैं बहुत तेज बुखार में तो पूरे शरीर को बर्फ के पानी से स्पंज किया जाता है।

दुर्घटना हो तो पानी इस्तेमाल करें

शरीर का कोई भाग यदि चाकू आदि से कट जाए तो उस पर ठंडे पानी की पट्टी बांधे और उस भाग को पानी से तारे रखें बहते खून को रोकने में ठंडा पानी कमाल का काम करता है साथ ही कटेगा को बहुत जल्दी भरता है पानी बहुत ठंडा होना चाहिए यदि आपके शरीर में कहीं भी कांटा या कोई लकड़ी का पास गहरी बैठ गई हो तो ठंडे पानी की पट्टी बांधे कांटा या फांस पर आ जाएगा.

जल जाने पर

जल जाने पर जले अंग को तुरंत ठंडे पानी में डुबो दें यदि यदि डुबाया ना जा सके तो उस भाग पर लगातार ठंडे पानी की धार डाली है जब तक जलन शांत ना हो पानी का प्रयोग करते रहे इसे पर छाले नहीं पड़ते यदि पड़ते, भी हैं तो थोड़े और छोटे जले पर ठंडा पानी नहीं लगाना चाहिए या कोरी भ्रम धारणा है।
बिच्छू या अन्य जीव के काटने पर

यदि आपको बिच्छू मधुमक्खी या अन्य किसी कीड़े के काटने पर भी उस अंग को पानी में डुबो दें कुछ समय पानी में रखने पर जलन शांत हो जाती है, पानी कीड़े के जहर को गर्मी खींचकर शांत कर देता है।
सांप के काटने पर

सांप के काटे व्यक्ति भी जल के प्रयोग से ठीक होते देखे गए हैं पर उन्हें कई घंटे तक पूरा शरीर पानी में डुबोये रहना होता है ।लेकिन साँप के काटने पर इन सब चक्करो में न पड़ कर सीधा हॉस्पिटल जाए।
मोच आ जाने पर

मोच आ जाने पर बरफ के पानी की गद्दी रखकर पट्टी बांधे यदि सर्दी का मौसम हो या ठंडे पानी से 30 अधिक होतो गर्म पानी से सेव कर गरम पानी की ही पट्टी बांधे।मोच को कभी भी मसलवाना नही चाहिए।

चेचक के छालों पर

कई बार चेचक के छालों में असहनीय जलन होती है पानी की पट्टी से शांति मिलती है हानि कुछ नहीं होती यह अंधविश्वास है कि चेचक में पानी नहीं लगाना चाहिए।

 पेट संबंधी बीमारियां

आपको भी कब्जे हैं तो सुबह उठते हैं फ्रेश होकर एक से दो गिलास गरम पानी पीजिए आपकी कभी जैसी समस्याएं दूर होंगी|

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