करियर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में
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| Career in disaster management |
आपदाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारी पर जोर दिया जा रहा है आपदा प्रबंधन शिक्षा एक ऐसा कदम है जिसे आपदा के प्रभाव नियंत्रण प्रबंधन को समझा जा सकता है तो चलिए देखते हैं
हर साल देश-विदेश में प्राकृतिक अदाओं से मानव जीवन और संपत्ति का भारी नुकसान होता है प्राकृतिक आपदा ऐसी होती हैं कि इनसे बचा नहीं जा सकता और उनकी भविष्यवाणी कर पाना भी संभव नहीं होता है यही वजह है कि आप इस तरह की आपदाओं से मुकाबला करने के लिए विशेष तैयारी पर जोर दिया जाने लगा आपदा प्रबंधन शिक्षा एक ऐसा कदम है जिससे आपदा के प्रभाव उनके नियंत्रण और प्रबंधन को समझा जा सकता है प्राकृतिक आपदाओं में दृष्टि से भारत बहुत ज्यादा संवेदनशील देश है भौगोलिक जलवायु भारत व ग्लोबल वार्मिंग से के कारण भारत को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है भारत में प्राकृतिक आपदाएं हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाती है लाखों घरों को नष्ट करती हैं और उपजाऊ भूमि को बंजर भूमि में तब्दील भी कर देते हैं देश का लगभग 7% भाग भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है अतिशय क्षेत्र तूफान के मामले में भारत देश के बाढ़ के मामले में संवेदनशील है चलिए देखते हैं क्या कैसे अपना करियर बनाया जा सकता है।
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| करियर इन डिजास्टर मैनेजमेंट फील्ड |
क्या है कार्यक्षेत्र
आपदाओं की बात की जाए तो आपदा तीन प्रकार की होती हैं ।
प्राकृतिक आपदाएं जैसे -भूकंप, समुद्री तूफान, सुनामी बाढ़ आदि ।
मानव सर्जित आपदाएं जैसे- भोपाल गैस त्रासदी ,भिसड आगआदि।
हाइब्रिड आपदाएं जैसे - महामारी या पर्यावरण विनाश से उपजी आपदाएं ।
इन आपदाओं से संपत्ति को नुकसान होता है आपदा प्रबंधन एक बहु विषय क्षेत्र है जिस में व्यापक मुद्दे जैसे निगरानी मूल्यांकन खोजबीन और बचाव राहत पुनर्निर्माण और पुनर्वास आदि शामिल होते हैं इन भूमिकाओं और गतिविधियों में आपदा पूर्व आपदा के दौरान तथा आपदा के उपरांत के चरण शामिल होते हैं आपदा प्रबंधन और कुछ नहीं बल्कि है तो आपदाओं के नियंत्रण का कौशलपूर्ण मार्ग ,तरीका तथा पद्धति है।
क्या है जरूरी योग्यता
इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए व्यक्ति को उन जोखिम की पहचान करने पर होती है जिसका सामना कोई समुदाय करता है इसमें गंभीर मौसम रसायनिक विस्कोट या आतंकवादी खतरा शामिल है इन्हें पूर्व में ही लोगों की भूमिका और जिम्मेदारी है संचार के तरीके और प्रबंधन की प्रक्रिया तय करनी होती है साथ यह सुनिश्चित करना होता है आपदा की स्थिति में संस्थान कैसे काम करते हैं आपदा प्रबंधन तकनीक के किसी भी देश के आर्थिक स्थिति और आधारित होती हैं और इस प्रकार के विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न होती हैं विकसित देश और विकासशील देशों के अपेक्षा बेहतर तरीके से और तेजी से नहीं निपटते हैं।
क्यों बढ़ रही है संभावनाएं
वैश्विक जलवायु परिवर्तन कारण आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ की भूमिका भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है 1990 और 2015 के बीच बेसिक आपदा जोखिम में मृत्यु दर की दृष्टि से 15% और आर्थिक हानि के दृष्टि से 70% की वृद्धि हुई है केवल 3 देशों में -भारत ,बांग्लादेश और चीन केवल बाढ़ के कारण 75% में जोखिम से ग्रस्त हैं ऐसे में आपदा प्रबंधन की मांग है
कहां मिलेंगे मौके
आदि प्रबंधन विशेषज्ञ को ज्यादा तर सरकारी संगठनों आपातकालीन सेवाओं कानून लागू करने वाले विभागों आदि में रोजगार मिलता है उन्हें राहत एजेंसियां गैर सरकारी संगठनों ,अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के जैसे कि संयुक्त राष्ट्र आदमी भी नियुक्त किया जा सकता है निजी क्षेत्र भी अपनी निगमित सामाजिक दायित्व की पूर्ति के लिए आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों की नियुक्ति करते हैं इससे जुड़े कोर्स को करने के बाद सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों में रोजगार की अपार संभावनाएं पैदा हो रही हैं बीमा कंपनियां बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान खासकर वे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्र में है जैसे कि रसायन खनन और पेट्रोलियम में आपदा प्रबंधन होता है अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र के ही कुछ संगठन भी बड़ी आपदाओं और आपात स्थितियों में निपटने के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों को नियुक्ति प्रदान करते हैं ।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ को आपातकालीन परिस्थितियों को प्रबंधित करने और तेजी से तथा दक्षता पूर्ण तरीके से प्रभावित क्षेत्रों और लोगों की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने हेतु प्रशिक्षित किया जाता है उन पर आपदा ग्रस्त क्षेत्रों लोगों को बचाने लोगों को भोजन के वितरण की व्यवस्था करने या घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने एवं पुनर्वास कार्य की देखरेख की जिम्मेदारी होती है आपदा प्रबंधन का कोर्स करने के उपरांत कई युवा अनुभव हासिल करने के बाद अपनी कंपनी की स्थापना कर लेते हैं आधे प्रबंधन का कोर्स करने के बाद युवा आपात स्थितियों में संबंधित योजनाएं बनाने जोखिम प्रबंधन में सफल कंसलटेंसी चला सकते हैं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवा न केवल अच्छा करियर बनाते हैं अपितु मानवता की सेवा भी करते हैं।
कैसे बड़े आगे
आपदा प्रबंधन में प्रमाण पत्र कार्यक्रम स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम ऑनलाइन पाठ्यक्रम एम ए, तथा एमएससी पाठ्यक्रम उपलब्ध है जमशेदजी टाटा आपदा प्रबंधन केंद्र द्वारा संचालित आपदा प्रबंधन में स्नातकोत्तर, कार्यक्रम का उद्देश आपदाओं के संबंध में ज्ञान ,क्षमताओं तथा कौशल को बढ़ाना है।
करियर
See also: https://theamitvlogs.blogspot.com
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प्रमुख संस्थान
- टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज मुंबई
- भारतीय परिस्थितिकी एवं पर्यावरण संस्थान नई दिल्ली
- सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय गंगतोक
- एनवायरमेंटल प्रोटक्शन ट्रेनिंग एंड रिसर्च संस्थान हैदराबाद
- नेशनल इनफॉरमेशन सेंटर ऑफ अर्थक्वेक इंजीनियरिंग आईआईटी कानपुर
- आई ए एस विश्वविद्यालय चूरू राजस्थान
- आपदा प्रबंधन संस्थान पर्यावरण परिषद अरेरा कॉलोनी भोपाल
- यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ बंगाल दार्जिलिंग
- इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मद्रास यूनिवर्सिटी चेपॉक
- चेन्नई
- गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली
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