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Success Mantra for life जिंदगी में सक्सेस होने के लिए मंत्र.

Success Mantra for life.                   
आपकी असफलता के लिए आप जिम्मेदार ही नहीं नाकामयाब हो ना बुरा नहीं है बुरा यह है कि हम              सफलता के लिए अपने को जांचने की बजाय उसके लिए अन्य कारणों को जिम्मेदार  ठहराए।
अक्सर हम देखते हैं ऑफिस व्यापार-व्यवसाय                    खेलकूद ,पढ़ाई-लिखाई जीवन के अन्य क्षेत्रों में जब हम सफलता मिलती है तो कई लोग ऐसे होते हैं जो इस असफलता सीख नहीं               लेते हैं सफलता की पहली सीढ़ी कहा गया है जब हम किसी काम में असफलता मिलती है तो हम उसके हजार बहाने ढूंढ लेते हैं कोई कहता है कि पक्षपात किया गया है कोई दूसरे के माथे का ठीकरा फोड़ देता है तो कोई तकदीर का रोना लेकर बैठ जाता है ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है असफल व्यक्ति आदमी विश्लेषण करें वह दूसरे को हमेशा दोषी ठहराते हैं ऐसे मां-बाप को समाज समाज को दोषी ठहराते हैं ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है की असफल व्यक्ति आर्थिक विश्लेषण करें । नाकामयाब होना बुरी बात नहीं है बुरा यह है कि हम अपने को संपूर्ण रूप से ना जांचें हमें अपने अंदर भी असफलता के कारणों को सफलता के कारणों को ढूंढना चाहिए हमें अपने लक्ष्य को ढूढ़ना चाहिए कि हमारे भीतर ऐसी चीज है वह क्यों हो रही है पता करते हैं कि कौन-कौन से कारण है मंजिल के रास्ते पर डालते हैं।

अति आत्मविश्वास
अति आत्मविश्वास आपको अपने लक्ष्य पर नहीं पड़ने देता आपका विश्वास सीमा में रहे इस विश्वास को अहंकार में तब्दील न होने दें संसार के सफल व्यक्तियों का इतिहास उठाकर देखें तो पता चलता है कि इन लोगों ने कर्म के महत्व को समझा और न केवल समझा बल्कि उसे आत्मसात भी किया आधुनिक युग में व्यक्ति इतना सजग होते हुए भी प्रकृति के मूलभूत स्वभाव को नहीं समझता मतलब यह है कि अपने आप को फन्ने खान न समझे अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कठोर श्रम करें याद रखें दाना खाक में मिलकर गुले गुलजार होता है जो आज कभी रोया है कभी कभी हंसेगा।


निर्णय  क्षमता 
हमारी सफलता या असफलता मे निर्णय लेने की क्षमता का होना बहुत मायने रखता है बहुत से लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे निर्णय भी नहीं ले पाते कोई ऐसा मसला जिसे एक अति साधारण बुद्धि का व्यक्ति भी सुलझा सकता है कई बार अति बुद्धिमान व्यक्ति भी उस मतलब को नहीं सुलझा पाता और निर्णय आने की स्थिति में झूलता रहता है हमें हमें हमेशा अपनी लंबी सोच को रखना चाहिए क्योंकि इस लंबी सोच वाले व्यक्ति सूझबूझ के साथ अपनी समस्या और अपनी समस्या की जड़ एवं उसका निर्णय शीघ्र ही लेते हैं याद रखें दूसरों से सलाह लेने से सबसे अधिक नुकसान अपना ही होता है क्योंकि वह आपके अंदरुनी इस स्थिति से वाकिफ नहीं होता अतः वह जो सलाह देता है वह सतत ही होती है इसके आपके  नुक्सान के चांस ज्यादा होते हैं इसीलिए अपने आप में मल्टी टैलेंटेड बने।


संयम


महान विचारक हैजलिट कहते हैं जो अपने ऊपर शासन कर सकते हैं वही दूसरों पर भी करते हैं इस एक गुण से इतनी शक्ति आ जाती है कि वह कुछ भी कर जाता है व्यक्ति को हर मामले में संयम बरतना चाहिए चाहे व्यापार हो नौकरी छोटी नौकरी आजीविका के क्षेत्र में संयम नहीं खोना चाहिए यही सबसे बड़ी असफलता की निशानी है एक एक वाक्या है एक बड़ी फैक्ट्री थी उसका मालिक बड़ा है एक व्यक्ति फैक्ट्री में काम करता था उसने अपनी फैक्ट्री में काम में रंग रखा था इससे उस फैक्ट्री का मुख्य स्तंभ कहा जाने लगा एक बार छोटी सी गलती की के कारण उस वक्त से थोड़ा सा नुकसान हो गया उस पर मालिक ने इतना अनाप-शनाप बोला कि उस व्यक्ति ने अपना त्यागपत्र दे दिया मार्केट में यह खबर आग की तरह फैल गई कि वह व्यक्ति फैक्ट्री से अलग हो गया है इसी तरह की दूसरी फैक्ट्री मालिक ने तुरंत अपने यहां उसी दुगने वेतन पर रख लिया पुरानी फैक्ट्री से जुड़े लोगों ने भी सोचना शुरु कर दिया जिस आदमी ने अपनी मेहनत से फैक्ट्री को इतना शक्तिशाली सत्यम पहुंचाया मालिक जब उसका ही नहीं हुआ तो हमारा क्या होगा धीरे धीरे फैक्ट्री का ग्राफ नीचे गिरना शुरू हो गया तो परिणाम क्या हुआ असयम का  नतीजा।


"किसी भी कार्य में सफलता हासिल करने के लिए सतत प्रयास और धैर्य की आवश्यकता होती है यदि आपने कोई भी कार्य किया है तो उसे परवान चढ़ाने के लिए लगातार मेहनत कीजिए और धैर्य पूर्वक उसके परिणाम सामने आने की प्रतीक्षा कीजिए"।

धैर्य रखे

 महान विद्यान शेख सादी ने कहा है कि सभी कार्य धर्य से होते हैं जल्दबाजी में मनुष्य केवल गिरता है तो हमेशा याद रखिए अगर आपको सफलता मिली है आप मिलती है तुम आने की कहीं न कहीं अपने घर का अभाव है किसी भी कार्य में सफलता के लिए सतत प्रयत्न करना चाहिए किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने और उन्नति करने के लिए धैर्य पूर्वक उसके परिणाम आने की प्रतीक्षा कीजिए ।एक छोटा सा किस्सा है ।एक खेत में पानी की कमी थी किसान ने कुआं खोदना शुरू किया दो चार हाथ धरती को खोदी लेकिन पानी ही नहीं निकला उस जगह को वहीं छोड़ा आगे बढ़कर फिर उपक्रम किया तो इस तरह उसने बीसो जगह खोद डाली उसमें पानी नहीं निकला वह थक भी गया तथा निराश भी हो गया कुछ ही देर में उधर से साधु निकला उसने किसान से उसकी परेशानी उसे बजा पूछें तू किसान ने पूरा वाक्या सुनाया सुनकर वहां जा तथा कहा कि तुम जल्द बाज हो तुमने धैर्य नहीं है एक ही जगह पचास फुट खो देते तो अब तक तो दरिया बह रहा होता किसान को अपनी भूल का एहसास हो गया। 
See also. https://theamitvlogs.blogspot.com

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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